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PM मोदी ने गुजराती नववर्ष के अवसर पर ट्वीट कर दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात नववर्ष के आगमन के मौके पर गुजरातवासियों को ट्वीट कर शुभकामनाएं दी. गुरुवार को PM मोदी ने गुजराती और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में ट्वीट किया है. अपने इस ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 'गुजरात के सभी लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं, प्रार्थना है कि आने वाला वर्ष आपके सारे मनोकामनाओं को पूरा करे. आप सभी स्वस्थ और दीर्घायु रहें. साल मुबारक.'
आपको बता दें कि गुजराती नववर्ष की शुरुआत दीपावली के दूसरे दिन होती है. गुजराती कैलेंडर के अनुसार यह महीनें का पहला दिन होता है. इसे बेस्तु वर्ष और वर्ष-प्रतिपदा या पाडवा भी कहा जाता है. मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने ब्रज में तेज बारिश को रोकने के लिए गोर्वधन पूजा की थी. गोर्वधन पूजा के दिन से गुजराती नव वर्ष की शुरुआत मानी जाती है.
वहीं आज इस मौके पर गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने भी गुजरात नववर्ष के मौके पर गुजरात की राजधानी गांधीनगर के प्रसिद्ध पंचदेव मंदिर में जाकर पूजा- अर्चना की. गुजराती नववर्ष के मौके पर पूरे देश और दुनिया के अलग अलग भागों में रहने वाले गुजराती समुदाय के लोग बड़े उत्साह के साथ गुजराती नव वर्ष मना रहे हैं. बताया जा रहा है कि मुंबई के बांद्रा इलाके में रहने वाले धवल उनाडकट, पार्थ रावल और मोहम्मद आसिफ में समलैंगिक संबंध थे. आरोपी धवल उनाडकट कंप्यूटर इंजीनियर था जो परिवार का बिजनेस देखता था. पीड़ित पार्थ रावल भी कंप्यूटर इंजीनियर था. तो वहीं धवल का दोस्त आसिफ गारमेंट के बिजनेस में था. 
मेडिकल टेस्ट को लेकर दोनों पार्टनर में हुई थी अनबन
घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक धवल उनाडकट ने अपना मेडिकल टेस्ट कराने से मना कर दिया था. जिस वजह से आसिफ ने उसे ब्लॉक कर दिया था. आसिफ से नाराज धवल जब रविवार (4 नवंबर) को उससे मिलने पहुंचा तो उसने आसिफ को पार्थ रावल के साथ रूम में देखा. जहां पार्थ बेड पर लेटा हुआ था. अपने पार्टनर आसिफ को पार्थ के साथ देख कर वह काफी गुस्सा हो गया. जिसके बाद आसिफ और धवल में काफी झगड़ा हुआ. झगड़ा सुलझाने गए पार्थ पर धवल ने मोमबत्ती स्टैंड से हमला कर दिया. जिस वजह से वह घायल हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा.
सिर में आई थी गंभीर चोट, टांके लगवाने से कर दिया था मना
पार्थ को इस हालात में देख धवल और आसिफ डर गए थे. जिसके बाद वे दोनों पार्थ को बांद्रा के होली फैमिली अस्पताल में इलाज के लिए ले गए. वहां उसके सिर में फ्रैक्चर होने की बात पता चली. लेकिन उसने वहां टांके लगवाने से मना कर दिया. जिसके बाद जख्म पर मेडिसिन जेल लगाई गई. अस्पताल से वापस आने के बाद उसी दिन शाम को पार्थ बेहोशी की हालात में दिखा. जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.कर रहे हैं गोवर्धन की पूजा, तो जान लीजिए क्या है शुभ मुहूर्तशास्त्रों के अनुसार गाय उसी प्रकार पवित्र होती है जैसे नदियों में गंगा. गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरुप भी कहा गया है. इसलिए गौ के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए ही कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोर्वधन की पूजा की जाती है. नई दिल्ली: कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा मनाई जाती है. गोवर्धन को 'अन्नकूट पूजा' भी कहा जाता है. दिवाली के अगले दिन पड़ने वाले त्योहार पर लोग घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत का चित्र बनाकर गोवर्धन भगवान की पूजा करते हैं और परिक्रमा लगाते हैं. इस दिन भगवान को अन्नकूट का भोग लगाकर सभी को प्रसाद दिया जाता है. इस पर्व में प्रकृति के साथ मानव का सीधा संबंध दिखाई देता है. शास्त्रों के अनुसार गाय उसी प्रकार पवित्र होती है जैसे नदियों में गंगा. गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरुप भी कहा गया है. इसलिए गौ के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए ही कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोर्वधन की पूजा की जाती है.क्या है महत्‍वगोवर्धन पूजा के दिन गाय-बैलों की पूजा की जाती है. इस पर्व को 'अन्‍नकूट' के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन सभी मौसमी सब्‍जियों को मिलाकर अन्‍नकूट तैयार किया जाता है और भगवान को भोग लगाया जाता है. फिर पूरे कुटुंब के लोग साथ में बैठकर भोजन ग्रहण करते हैं. मान्‍यता है कि अन्‍नकूट पर्व मनाने से मनुष्‍य को लंबी उम्र और आरोग्‍य की प्राप्‍ति होती है. ऐसा भी कहा जाता है कि इस पर्व के प्रभाव से दरिद्रता का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्‍ति होती है. ऐसा माना जाता है कि अगर इस दिन कोई मनुष्य दुखी रहता है तो साल भर दुख उसे घेरे रहते हैं. इसलिए गोवर्धन के दिन सभी को प्रसन्न रहना चाहिए.गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्तगोवर्धन पूजा का प्रात: काल मुहूर्त: 08 नवंबर 2018 को सुबह 06 बजकर 39 मिनट से 08 बजकर 52 मिनट तक.गोवर्धन पूजा का सांयकालीन मुहूर्त: 08 नवंबर 2018 को दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से शाम 05 बजकर 41 मिनट तक. 

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